Tuesday, 1 January 2019

पत्रकार के नोट्स: एक दस्तावेज

नया ज्ञानोदय, जनवरी 2019
युवा पत्रकार अरविंद दास की हालिया प्रकाशित पुस्तक 'बेख़ुदी में खोया शहर' में पत्रकार बनने की प्रक्रिया और शोध के दौरान लगभग 15 वर्षों के अनुभवों का विस्तृत संसार जानने-समझने को मिलता है. संस्मरणों की यह पुस्तक पाँच खंडों में विभक्त है. अरविंद की पुस्तक पढ़ते हुए यूरोप जैसे सजीव हो उठता है. संस्कृति, देशकाल और समसामयिक मुद्दों से लबरेज ये नोट्स व्यक्तिगत न होकर पाठकों के बीच एक दस्तावेज के रूप में विद्यमान रहेंगे.

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