Saturday, 8 December 2018

एक पत्रकार के नोट्स


हिंदुस्तान अखबार, 9 दिसंबर 2018.
धर्मेंद्र सुशांत, हिंदुस्तान: किताब एक सजग संवेदनशील लेखक की आंखों-देखी और दिल से महसूस की गई दुनिया के विविधवर्णी शब्दचित्रों का संकलन है. 

इसकी विशेषता यह है कि इसका एक सिरा निपट गाँव से जुड़ता है, तो दूसरा सिरा धुर वैश्विक से. 

लेखक ने इसमें प्रत्यक्ष में निहित वास्तविकता को उजागर किया है. 

No comments: